बुधवार, २२ जून, २०१६

२७. विविधतेत एकता

                                                     २७  विविधतेत एकता  

              ज्याप्रमाणे एक रेशमाचा धागा निरनिराळ्या रंगीबेरंगी हिऱ्यांचा एक सुंदर हार गुंफतो. त्याचप्रमाणे सर्व प्रकारच्या विविधतेतसुद्धा एक एकत्वाचा धागा असल्याचे अभ्यासपूर्ण निरीक्षण केल्यास लक्षात येते . यातील कोणताही हिरा वेगळा नाही . आपल्या स्वतःच्या सौंदर्याने तो केवळ मोहित करत नसून अन्य हिऱ्यांच्या सौंदर्यातही भर टाकीत असतो . ही काही कोरी कविकल्पना नसून एक पूर्ण प्रस्थापित सत्य आहे .  
                                                                                                        - डॉ . राजेन्द्रप्रसाद
           एकता, एकता, प्रत्येकालाच एकतेची गरज असल्याचे अनुभवास येते . शेकडो व्यक्ती वेगवेगळ्या दिशेने काम करतात तेव्हा त्याचा परिणाम होतो ' शून्य.  '  जोपर्यंत एकाच दिशेने प्रयत्न करणे किंवा एकच ध्येय निश्चित होत नाही, सर्वजण त्या एका विशिष्ट दिशेनेच प्रयत्न करणार नाहीत, तोपर्यंत त्यांच्या उन्नतीची आशा करणे व्यर्थ .  कल्याणामध्येच प्रत्येक व्यक्तीचे हित आहे ही गोष्ट सर्वांत अगोदर आपणांस समजली पाहिजे .                        स्वामी रामतीर्थ 

       ' अनेकता मे एकता ' का हमारा वैशिष्ट्य हमारे सामाजिक जीवन के भौतिक एवं आध्यात्मिक सभी क्षेत्रों में व्यक्त हुआ है | यह उस एक भव्य दीपक के समान है, जो चारों ओर विविध रंगों के शीषों से ढका हुआ हो | उसके भीतर का प्रकाश, दर्शक के दृष्टिकोन के अनुसार भांति भांति के वर्णो एवं छायाओं में प्रकट होता है |              श्रीगुरुजी

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