११९ संस्कार
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संघ का संस्कारों पर नितांत विश्वास है | जैसे संस्कार हों वैसीही मनुष्य की वृत्ती बनती है | और एकही वृत्ती के अनेक लोगों के एकत्रित होने से संघटन के लिये पोषक वातावरण उत्पन्न होता है | सारे देशभर में इस तरह का पवित्र, श्रद्धायुक्त, ध्येयनिष्ठा के रंग मे रंगा हुआ, निराशा को नष्ट करनेवाला, हिम्मत को बढानेवाला, स्फूर्तीदायक वातावरण तयार करें | स्वयंसेवक जहां भी जायें, वहां यह वातावरण अपने साथ ले जायें | प. पू. डॉ. हेडगेवार
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